ChhattisgarhNational/International

छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश की तैयारी | जापान और कोरिया की कंपनियों ने दिखाई रुचि

एनएचटी डेस्क ।छत्तीसगढ़ सरकार ने जापान और दक्षिण कोरिया की कंपनियों के साथ निवेश पर बातचीत की। IT, टेक्सटाइल, क्लीन एनर्जी और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिज और कृषि राज्य की पहचान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह धीरे-धीरे विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नया केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। 28 अगस्त 2025 को सामने आई खबरों के अनुसार, राज्य सरकार ने हाल ही में जापान और दक्षिण कोरिया के उद्योग संगठनों से गहन वार्ता की है। इसका मकसद है—राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आकर्षित करना और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाना।

 

निवेश का नया अध्याय

 

राज्य के मुख्यमंत्री ने हाल ही में जापान और दक्षिण कोरिया का दौरा किया, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों और कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।

 

उन्होंने छत्तीसगढ़ की निवेश नीति 2024–30 का विस्तार से परिचय दिया।

निवेशकों को बताया कि राज्य में सिंगल विंडो क्लियरेंस, जमीन आवंटन और टैक्स छूट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

खासकर IT, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, क्लीन एनर्जी और फार्मा सेक्टर में निवेश के बड़े अवसर बताए गए।

 

 जापान में हुई अहम मुलाकात

 

टोक्यो में आयोजित बैठक में जापान के प्रमुख व्यापारिक संगठन और उद्योगपति शामिल हुए।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और क्लीन एनर्जी हब के रूप में विकसित होगा।

जापानी कंपनियों ने टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और आईटी सेक्टर में साझेदारी की संभावना जताई।

यह पहल राज्य के युवाओं को रोजगार और नई तकनीक दोनों उपलब्ध कराएगी।

 

 

सियोल (दक्षिण कोरिया) में समझौते

 

कोरिया की राजधानी सियोल में उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों से बातचीत हुई।

 

यहां कई कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पॉलिसी की तारीफ की।

टेक्सटाइल, फार्मा और सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी कंपनियों ने राज्य में निवेश की इच्छा जताई।

कोरिया के एक प्रमुख संगठन को ज्ञान भागीदार (Knowledge Partner) के रूप में जोड़ा गया है, जो टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट में मदद करेगा।

 

राज्य को होने वाले फायदे

 

1.रोजगार सृजन: नए निवेश से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

2. टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: विदेशी कंपनियां नई तकनीक लाएँगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

3. इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास:नए कारखाने, ट्रेनिंग सेंटर और औद्योगिक क्लस्टर विकसित होंगे।

4. ग्लोबल पहचान: छत्तीसगढ़ का नाम अब सिर्फ खनिज राज्य नहीं, बल्कि ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब के रूप में भी लिया जाएगा।

 

विशेषज्ञों की राय

 

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ का यह कदम आने वाले वर्षों में राज्य को भारत के टॉप निवेश गंतव्यों में शामिल कर सकता है। उनका कहना है कि अगर सरकार अपनी नीति और निवेशकों के भरोसे पर खरा उतरती है, तो यह राज्य की GDP को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

 

 चुनौतियाँ भी हैं

 

विदेशी निवेश आकर्षित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय हितों को संतुलित करना होगा।

जमीन अधिग्रहण और अनुमोदन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

स्थानीय उद्योगपतियों को भी बराबरी का अवसर देना जरूरी होगा, ताकि वे पीछे न रह जाएं।

 

 निष्कर्ष:

28 अगस्त 2025 की यह खबर छत्तीसगढ़ के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा सकती है। विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से राज्य को रोजगार, विकास और वैश्विक पहचान मिलेगी। यह पहल आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को सिर्फ खनिज संपन्न राज्य नहीं, बल्कि नवाचार और उद्योग का केंद्र बना सकती है।

 

 

## हैशटैग्स (सोशल मीडिया शेयरिंग के लिए)

 

\#ChhattisgarhInvestment #GlobalTrade #ForeignInvestment #ChhattisgarhNews #IndiaBusiness #EconomicGrowth

 

 

Admin

" मै एक अनुभवी न्यूज़ राइटर और पत्रकार हूं, जो पिछले 15/17 वर्षों से हर तरह की खबरें कवर कर रहा हूं। सटीकता, निष्पक्षता, और सरल भाषा में तथ्य प्रस्तुत करना मेरी विशेषता है। मेरी लेखनी का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और समाज की आवाज़ बनना है।"

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button